10 अप्रैल का इतिहास: टाइटैनिक जहाज का पहला और अंतिम सफर

10 अप्रैल का इतिहास से गहरा नाता है . क्योंकि 10 अप्रैल 1912, के दिन ही ब्रिटेन के साउथेम्पटन बंदरगाह से अपनी पहली सफर के लिए समुद्र में रवाना हुआ टाइटैनिक, जो फिर वापस नहीं लौटा.  वैसे टाइटैनिक जहाज का नाम सुनते ही हमारे जहन में इससे जुड़ी दुर्घटना के तमाम मंजर आने लगते  हैं.  वैसे यह भी हकीकत है कि टाइटैनिक जहाज कब बना, किसने बनाया, इसकी कितनी लम्बाई थी, इस पर कितने लोग बैठ सकते थे, इसमें कितना ईधन खर्च होता था, यह कब अपनी यात्रा पर निकला यह सब तथ्य 1997 में आई सुपरहिट हॉलीवुड फिल्म 'टाइटैनिक' ने धुंधले कर दिए और याद रह गई बस जेम्स कैमरन की यह शानदार फिल्म, विशाल जहाज के डैक पर अपनी बांहें फैलाए खड़े लियोनार्डो डी कैप्रियो और केट विंस्लेट, नीले हीरे वाली माला और पानी का भयानक रूप.

टाइटैनिक से संबंधित महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है...

  • RMS टाइटैनिक दुनिया का सबसे बड़ा वाष्प आधारित यात्री जहाज था .
  • वह साउथम्पटन (इंग्लैंड) से अपनी प्रथम यात्रा पर, 10 अप्रैल 1912 को रवाना हुआ.
  • साउथम्पटन से चार दिन की यात्रा के बाद, 14 अप्रैल 1912 को वह एक हिमशिला से टकरा कर डूब गया.
  • टाइटैनिक की डूबने से 1,517 लोगों की मृत्यु हुई जो इतिहास की सबसे बड़ी शांतिकाल समुद्री आपदाओं में से एक है.
  • टाइटैनिक का निर्माण Belfast (Ireland) के Harland ओर Wolff शिपयार्ड में किया गया था.
  • टाइटैनिक के डूबने का मुख्य कारण अत्यधिक गति से चलना था.
  • टाइटैनिक के मालिक Bruce Ismay (जे .ब्रूस इस्मे) ने जहाज के कप्तान Edward Smith को जहाज को अत्यधिक गति से चलाने के लिए कहा था .
    टाइटैनिक उस समय के सबसे अनुभवी इंजीनियरों के द्वारा डिजाइन किया गया था.