ट्रेन 18 लॉन्चड्: वंदे भारत से बदल जाएगी रेलवे की तस्वीर, मिलेंगी ऐसी वर्लड क्लास सुविधाएं

वैसे तो भारतीय रेल एशिया का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क होने के साथ-साथ कई अन्य कारणों से भी विश्व में प्रसिद्ध है, लेकिन आजकल यह अपने नए ट्रेन वंदे भारत को लेकर देशवासियों को गौरवांगित कर रही है. बता दें कि ट्रेन 18 के नाम से प्रसिद्ध यह रेलगाड़ी पूर्ण रूप से स्वदेशी है. आइये जानते हैं देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन क्यों है इतनी खास और इससे देशवासियों को क्या फायदा होगा.

इंटीग्रेटेड इंजन:

अब तक भारत में जितनी भी ट्रेने हैं, उनमें अलग से इंजन को जोड़ा या हटाया जाता है, लेकिन इस ट्रेन में इंटीग्रेटेड इंजन होगा. यानि मेट्रो या बुलेट ट्रेन ती तर्ज पर आप कम समय में अधिक दूरी की लंबी यात्राएं कर सकते हैं. सरकार की माने तो यह ट्रेन दिल्ली से वाराणसी तक जाने में मात्र 8 घंटों का समय लेगी. बता दें कि देश की सबसे तेज़ ट्रेन शताब्दी भी इस दुरी को तय करने में 12 से 14 घंटें का समय लेती है.

स्वाचालित कोच एवं दरवाजें:

इस ट्रेन में स्वाचालित दरवाजें एवं एसी चेयर कार की सुविधा होंगी. यात्री अपने सुविधा के लिए कुर्सियों को 180 डिग्री तक घुमा सकते हैं. वहीं ट्रेन के चलने पर स्वाचालित दरवाजों के बंद होने से दुर्घटनाओं की संभावना बहुत कम होगी.

जलपान की सुविधा:

इस ट्रेन के टिकट में ही जलपान का खर्च जुड़ा होगा. अगर आप दिल्ली से वाराणसी के लिए सफर कर रहे हैं, तो आपको ब्रेकफास्ट के साथ लंच भी मिलेगा, वहीं अगर आप वाराणसी से दिल्ली के लिए जा रहे हैं तो चाय नाश्ते के साथ रात का डिनर मिलेगा. ट्रेन का खाना स्वास्थवर्धक एवं सस्था होगा.

वाई-फाई, जीपीएस एवं हाई स्पीड इंटरनेट:

इस ट्रेन में यात्रियों को फ्री वाई-फाई, जीपीएस एवं हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मौजूद रहेगी. साथ ही मोबाईल, लैपटॉप, टैबलेट को चार्ज करने के लिए चार्जिंग की सुविधा भी होगी.

स्पीड:

यह ट्रेन शताब्दी के बाद भारत की सबसे तेज़ रफ्तार से चलने वाली ट्रेन होगी. 180 किमी की रफतार में भी अदंर बैठे यात्री आराम से बिना हिचकोले खाएं सफर कर सकते हैं.

बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स:

स्वच्छ भारत की तर्ज पर बनाए गए इस ट्रेन में बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स होंगें, जिस से सैनिटेशन पर ध्यान दिया जाएगा. लोगों की सुविधा के लिए टॉयलेट्स इंडियन एवं वेस्टर्न दोनों स्टाइल में लगाए जाएंगें.