NIRF रैंकिंग 2019 की सूची जारी IIT मद्रास को मिला पहला स्थान

अभी हाल में ही केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की तरफ से राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क 2019 ( NIRF) सूची जारी की गई है. NIRF की सूची के साथ ही नवाचारों पर नवाचारों की कुल रैंकिंग (ARIIA) की अवार्ड्स सूची जारी की गई. NIRF रैंकिंग 2019 की सूची में शीर्ष स्थान पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास रहा.

  • राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क 2019 ( NIRF) द्वारा जारी सभी शीर्ष संस्थानों के नाम निम्न है
  • मेडिकल क्षेत्र में दिल्ली का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS ) शीर्ष स्थान पर रहा.
  • महाविद्यालयी क्षेत्र में सबसे आगे दिल्ली का मिरांडा हाउस रहा.
  • बंगलोर का आईआईएम प्रबंधन के क्षेत्र में सबसे आगे रहा.
  • नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया यूनिवर्सिटी बंगलोर कानून के क्षेत्र में पहले स्थान पर काबिज रहा.
  • IIT खड़गपुर स्थापत्य के क्षेत्र में सबसे आगे रहा.
  • विश्वविद्यालय के क्षेत्र में सबसे आगे भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc ) सबसे आगे रहा.
  • इंजीनियरिंग संस्थानों की सूची में IIT मद्रास और IIT दिल्ली शीर्ष पर हैं.
  • मानव संसाधन विकास मंत्रालय की उच्च शिक्षा संस्थान रैंकिंग में IIT चेन्नई पहले स्थान पर, IISc बंगलोर दूसरे स्थान पर तथा IIT दिल्ली तीसरे स्थान पर है.
  • जामिया हमदर्द सर्वश्रेष्ठ फार्मेसी संस्थान बना.

क्या है NIRF रैंकिंग

राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) भारत में उच्च शिक्षा के सभी संस्थानों को रैंक करने के लिए, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी), भारत सरकार द्वारा अपनाई गई एक पद्धति है. फ्रेमवर्क को मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया और मानव संसाधन विकास मंत्री ने 29 सितंबर, 2015 को लॉन्च किया. विश्वविद्यालयों और कॉलेजों, इंजीनियरिंग संस्थानों, प्रबंधन संस्थानों, फार्मेसी संस्थानों और वास्तुकला संस्थानों जैसे ऑपरेशन के अपने क्षेत्रों के आधार पर विभिन्न प्रकार के संस्थानों के लिए अलग रैंकिंग है. फ्रेमवर्क संसाधनों, अनुसंधान और हितधारक की धारणा जैसे रैंकिंग उद्देश्यों के लिए कई मापदंडों का उपयोग करता है. इन मापदंडों को पांच समूहों में समूहीकृत किया गया है और इन समूहों को विशिष्ट भार निर्दिष्ट किया गया है. भार संस्था के प्रकार पर निर्भर करता है. लगभग 3500 संस्थानों ने रैंकिंग के पहले दौर में स्वेच्छा से भाग लिया. 4 अप्रैल 2016 को एमएचआरडी द्वारा रैंक वाली सूची जारी की गई.