8 मई: सेकंड वर्ल्ड वॉर के साथ खत्म हुआ मौत का तांडव और बच गई दुनिया

8 मई का दिन कई कारणों से विशेष है, लेकिन यह सबसे ज्यादा ऐतिहासिक इसलिए है क्योंकि आज ही के दिन सेकंड वर्ल्ड वॉर खत्म हुआ. निश्चय ही पूरी दुनिया के लिए यह राहत की बात थी कि जर्मन तानाशाह हिटलर के आत्महत्या के बाद, 8 मई को द्वितीय विश्वयुद्ध का समापन हो गया. विश्व युद्ध के समापन की औपचारिक घोषणा के साथ ही पूरी दुनिया ने चैन की सांस ली. बता दें कि इस लड़ाई में कुल 85 मिलियन सैन्य एवं 56 मिलियन सिविलियन्स की जान गई थी.

इस कारण हुआ था युद्ध

वैसे तो इस लड़ाई के होने के कई सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक कारण थे, लेकिन मुख्य कारण जर्मन सेना का पोलैंड में प्रविष्ट हो जाना माना जाता है. इस घटना के बाद से ही द्वितीय विश्व युद्ध का आरंभ हुआ एवं इंग्लैंड और फ्रांस भी जर्मनी के विरुद्ध युद्ध में कूद पड़ें थे.

कुल इतने देशों ने लिया था भाग

इस लड़ाई में दुनिया के लगभग सभी प्रमुख देश दो खेमों में बंट गए थे. पहला खेमा था एक्सिस पावर्स का जिसमे जर्मनी, इटली एवं जापान शामिल थे, जबकि दूसरे खेमे में कुल 50 से ज्यादा देश अलाइड ग्रुप के तहत लड़ाई कर रहे थे. वहीं बहुत से देश न्यूट्रल होकर इसमे भाग ले रहे थे.

भारत ने भी लिया था भाग

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों ने भारतीय सेना का अपने स्वार्थों के लिए उपयोग किया. इस लडाई की शुरूआत से पहले तक भारतीय सेना में मात्र 20 लाख लोग थे, लेकिन इस लड़ाई के समापन तक यह संख्या बढ़कर 25 लाख तक हो गई. इश लड़ाई में अंग्रेजों ने भारतीय सेना का उपयोग इतालवी, मिस्र, लीबिया और जर्मनी के खिलाफ विशेष रूप से किया था.